सागर। देश में एक ओर समाज के गरीब तबके से आदिवासी द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति चुनकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की गई। महिलाओं को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर करने के सरकारें तमाम प्रयास कर रही हैं। वहीं ग्रामीण समाज आज भी पुरुष प्रधान की मानसिकता पाले हुए है। इसका उदाहरण मप्र के सागर जिले की जैसीनगर ग्राम पंचायत में गुरुवार को देखने मिला। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 10 महिलाएं पंच चुनी गईं। आज जब शपथ लेने का अवसर आया तो मात्र तीन महिला पंच उपस्थित हुईं, जबकि चार महिलाओं के स्थान पर उनके पिता, पति और देवर द्वारा शपथ ली गई।

जैसीनगर ग्राम पंचायत के सचिव आशाराम साहू ने बताया कि गुरुवार को ग्राम पंचायत कार्यालय में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। पंचायत से सरपंच और पंच मिलाकर कुल 21 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इनमें से 10 महिलाएं पंच निर्वाचित हुई हैं। शपथ ग्रहण में 10 में से एक महिला पंच के पिता, दो महिला पंचों के पतियों और एक महिला पंच के देवर द्वारा शपथ ली गई। उन्होंने महिलाओं के स्थान पर पुरुषों को शपथ दिलाने को लेकर कहा कि अधिकतर पंचायतों में इसी तरह घर के पुरुष ही शपथ लेते हैं। पंचायत अधिनियम में इसका कोई प्रविधान है या नहीं, इसे लेकर ग्राम सचिव के पास कोई जवाब नहीं था। वहीं जनपद सीईओ सुरेंद्र खरे से जब इस संदर्भ में जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि वे जिला मुख्यालय में बैठक में शामिल होने आए हैं। अधिनियम में तो स्वत: शपथ लेने का प्रविधान है, इस मामले में जनपद मुख्यालय पर वापस लौटकर जानकारी दे सकेंगे।