देश : कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया के हाल बेहाल हैं। यह एक महामारी है जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हर 4-6 महीने में इसकी नई लहर आ रही है और न जाने कितने लोगों को अपना शिकार बना रही है। कोरोना वायरस महामारी की रफ्तरा इन दिनों से फिर से देश में बढ़ने लगी है। एक दिन दिन में 10,000 से ज्यादा नए कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में चौथी लहर की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। इस बार कोरोना संक्रमित मरीजों में अजीब तरह के लक्षण सामने आ रहे हैं। जिससे पूरी डर का माहौल बना हुआ है।

दरअसल ओमीक्रोन के नए वेरिएंट के गंभीर नतीजे सामने आ रहे हैं। इसके लक्षण तेजी से बदल रहे हैं। कोरोना अब सिर्फ फेफड़ों पर आक्रमण नहीं कर रहा है बल्कि यह शरीर के किसी भी हिस्से या अंग पर बुरी तरह से असर डाल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामान्य सर्दी के लक्षणों और बीमारी से अलग अन्य लक्षणों के अलावा, कुछ अन्य लक्षण भी हैं जो कोरोना के मरीजों में देखे जा रहे हैं। कोविड से जुड़ा ऐसा ही एक अजीब लक्षण शरीर में झुनझुनी या सनसनी (sensation) होना है। कोरोना के मरीजों को शरीर में एक अजीब तरह की उत्तेजना या सुन्नता महसूस हो रही है। जिसे सनसनी भी कहा जाता है। मेडिकल भाषा में इसे पेरेस्टेसिया कहते हैं। इसमें रोगी को हाथ, कोहनी, पैर या तलवे और यहां तक कि शरीर के अन्य हिस्सों में भी जलन या चुभन का अनुभव होता है।

कब तक रहते हैं इसके लक्षण

इसके लक्षण कुछ हफ्तों तक दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में रोगी 3 महीने से अधिक समय तक इस दर्द का अनुभव करते हैं। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी पेन सेंटर के एक स्टडी में इस बात की जानकारी मिली है। इस स्टडी के मुताबिक, करीब 30 फीसदी कोरोना रोगियों ने इस लक्षण के बारे में बताया है। उनमें करीब 6 फीसदी लोगों को 3 महीने तक इन लक्षणों का सामना करना पड़ा है।

डॉक्टर को कब दिखाएं

आमतौर पर लंबे समय तक काम करने से भी शरीर में झुनझुनी जैसी समस्याएं आ सकती है। लेकिन यह कुछ देर बाद ठीक हो जाती है। अगर यह समस्या बनी रहती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।