शिवगंज(हरीश दवे)। मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढा ने गुरुवार को मोरली गांव के प्राचीन गणक माता मंदिर के वार्षिकोत्सव में भाग लेकर मंदिर में दर्शन किए तथा क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। मेले में मोरली सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गणक माता के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। जानकारी के अनुसार वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचने पर विधायक लोढा का ग्रामीणों ने उत्साह के साथ ढोल ढमाकों के बीच स्वागत सत्कार कर परंपरानुसार साफा एवं पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए विधायक लोढ़ा ने मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम में आमंत्रित करने पर ग्रामीणों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर उन्होंने नारी का शक्ति का रूप बताते हुए बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए ग्रामीणों से बालिकाओं को उच्च अध्ययन करवा आत्मनिर्भर बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि ग्रामीण बालिकाओं में किसी प्रकार की प्रतिभा की कमी है। लेकिन उनकी प्रतिभा को आगे आने का हम अवसर नहीं देते। ये बालिकाएं भी उच्च अध्ययन कर अपना व अपने गांव देश का नाम रोशन कर सकती है। विधायक लोढा ने ग्रामीणों से कहा कि पिछले साढे तीन साल में विकास के कामों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी है। कोरोना के हालातों के बावजूद विकास की गति नहीं थम पाई है। उन्होंने इन सालों में करवाए गए विकास कार्यो की जानकारी देते हुए कहा कि सिरोही विधानसभा क्षेत्र में पिछले ७० सालों से जो विकास के काम नहीं हो सके थे वे पिछले साढे तीन साल में हुए है। इस मौके पर उन्होंने पालड़ी एम नवा खेडा सडक़ मार्ग भी शीघ्र तैयार करवाने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर ग्रामीणों ने भी विधायक लोढ़ा से गांव के बीच से गुजर रही ११ केवी विद्युत लाइन को हटवाने सहित गरबा चौक की चारदिवारी बनाने की मांग की। जिस पर विधायक ने शीघ्र उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे पूर्व विधायक लोढ़ा ने मंदिर में पूजा अर्चना कर गणक माता से क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया। जिसमें गांव के सभी वर्ग के लोगों एवं आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विजयसिंह, भोपालसिंह, ओबसिंह, गोपालभाई कुमावत, शंकरलाल कुम्हार, हंसाराम कुमावत, अचलाराम रेबारी, बदाराम रेबारी, हीराराम रेबारी, ताराराम मेघवाल, सकाराम भील, लाकाराम हीरागर, सोपाराम रावल, मोहनलाल रावल सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।