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औरैया यूपी।भारत की अग्रणी
सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी बीएचईएल (BHEL) ने मैग्लेव ट्रेन को भारत लाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी स्विस रैपिड एजी (Swiss Rapide AG) के साथ हाथ मिलाया है।बीएचईएल ने बुधवार को यह जानकारी दी है।कंपनी कई क्षेत्रों में अपना कारोबार फैलाना चाहती है और अर्बन ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर भी उनमें शामिल है।इसी योजना के तहत कंपनी भारत में मैग्लेव ट्रेन लाने की तैयारी कर रही है।
मैग्लेव ट्रेन चुम्बकीय उत्तोलन के कारण पटरियों के बजाय हवा में चलती है।इस वजह से ऊर्जा की बहुत कम खपत होती है और यह आसानी से 500 कि•मी•प्रति घंटे की रफ़्तार पकड़ कर चल सकती है।इसकी परिचालन लागत भी बहुत कम होती है।इस बारे में बीएचईएल ने स्विस रेपिड एजीSwiss Rapide AG के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।इससे प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया का कार्यक्रम और आत्म निर्भर भारत अभियान को बढ़ावा मिलेगा।इससे बीएचईएल दुनियाँ की अत्याधुनिक तकनीक को भारत लाने में मदद मिलेगी और वह भारत में मैग्लेव ट्रेन का निर्माण करेगी।
समझौते के मुताबिक दोनों कंपनियाँ एक दूसरे को बिजिनेस बढ़ाने में मदद करेंगी। स्विस रेपिड एजी Swiss Rapide AG को मैग्लेव रेल परियोजनाओं में विशेषज्ञता हासिल है।दूसरी ओर बीएचईएल पिछले पाँच दशकों से रेलवे के विकास में साझेदार है।कंपनी ने रेलवे को इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव की आपूर्ति की है।देश की पहली मेट्रो कोलकाता मेट्रो में भी बीएचईएल के प्रपल्सन सिस्टम लगे हैं।यह पूरी डील मेक इन इंडिया के तहत हुई है।
ब्यूरो रिपोर्ट बीरेंद्र सिंह सेंगर