अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की चर्चा

जिले के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकता का लिया फीडबैक

 

जैसलमेर, 20 जनवरी/जैसलमेर जिले में सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने आए अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय अध्ययन दल ने बुधवार को जैसलमेर जिला कलेक्ट्री में जन प्रतिनिधियों और जिलास्तरीय अधिकारियों से चर्चा की तथा शूखे से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली।

 

जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने जिले की स्थिति के बारे में जानकारी दी और मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में पानी, खेती बाड़ी तथा अभावों को देखते हुए विशेष मदद के प्रबंधों केंद्र सरकार के कृषक कल्याण मंत्रालय के निदेशक डॉ सुभाष चंद्र एवम् जल ऊर्जा मंत्रालय जल ऊर्जा विभाग के निदेशक एस डी शर्मा ने जैसलमेर की भौगोलिक स्थिति, सूखे प्रभावित क्षेत्र आदि की स्थिति के बारे में विस्तार से जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया।

अंतर मंत्रालयिक भ्रमण दल की बैठक में जैसलमेर विधायक रूपाराम, जिला प्रमुख प्रताप सिंह, सम प्रधान तने सिंह सोढा, फतेहगढ़ प्रधान जनक सिंह भाटी, जिला कलेक्टर आशीष मोदी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरी सिंह मीणा, उपखंड मजिस्ट्रेट जैसलमेर शिवपाल, उपखंड मजिस्ट्रेट पोकरण राजेश विश्नोई , तहसीलदार जैसलमेर पुष्पेन्द्र पांचल, तहसीलदार फतेहगढ़ अशोक मेघवाल, तहसीलदार भणियाणा चन्दन पंवार, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ विनोद कालरा, उप रजिस्ट्रार सहकारिता सुजानाराम, विकास अधिकारी जैसलमेर हीरालाल कलवी, विकास अधिकारी सम सुखराम विश्नोई, सहायक निदेशक कृषि ओमप्रकाश, उपनिदेशक कृषि राधेश्याम नारवाल, उपनिदेशक कृषि बाड़मेर वी एस सौलंकी एवं प्रोग्रामर मनोज विश्नोई उपस्थित थे।

विधायक रूपाराम ने जिले को विशेष सूखा व अभाव वाला बताया और कहा कि पानी, फसल आदि के साथ घास, पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था आदि को सामने रखकर आपदा का आकलन मूल्यांकन करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि जैसलमेर जैसे विस्तृत भू भाग वाले जिले की विषम परिस्थितियों को देखते हुए आपदा राहत में भरपूर मदद मिलनी चाहिए। इसके लिए आकलन के मापदंडों में संशोधन किया जाना जरूरी है।

 

केंद्रीय दल के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जिले की विशेष परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा